CHIRANJIT TEWARY Books | Novel | Stories download free pdf

श्रापित एक प्रेम कहानी - 78

by CHIRANJIT TEWARY
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निलु के इतना कहने पर गाड़ी अपने आप रुक जाती है। गाड़ी रुकने के बाद निलु गुस्से से कहता ...

तेरे मेरे दरमियान - 105

by CHIRANJIT TEWARY
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  • 693

शमिका मोनिका के कंधे पर हाथ रखकर कहती है --शमिका :- मोनिका .. विकी ने तुम्हें और मुझे , ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 77

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश की बात का सत्यजीत जवाब देकर कहता है। अरे बैटा छोड़ो ना क्या तुम भी उसी बात पर ...

तेरे मेरे दरमियान - 104

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.9/5)
  • 969

इस बार शमिका तुरंत भरोसा नहीं करती क्योंकी उसने सुबह विकी के फोन पर वो रिपोर्ट बदलने वाली मेसेज ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 76

by CHIRANJIT TEWARY
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सत्यजीत अपनी एक भोंहे उपर करते कहता है।> गए थे ..! गए थे का क्या मतलब मिरा। मैं तो ...

तेरे मेरे दरमियान - 103

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.7/5)
  • 1k

जानवी की बात को सुनकर शमिका कहती है --शमिका: - हां जानवी ... क्यों नही , तुम दोनो एक ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 75

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश वर्शाली की हाथ को पकड़कर अपने कंधे पर रख देता है।और कहता है।> ये भी तो तुम्हारा ही ...

तेरे मेरे दरमियान - 102

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.7/5)
  • 1.3k

वो उठती है अपने आँसू पोंछती है उसकी आँखों में अब पछतावा ही नहीं…दृढ़ता भी है --जानवी: - नहीं… ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 74

by CHIRANJIT TEWARY
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त्रिजला कहती है।. जब आप इतने वर्षो से यहां पर बंद तो फिर कालदामु ने इसकी सुचना हम तक ...

तेरे मेरे दरमियान - 101

by CHIRANJIT TEWARY
  • (4.9/5)
  • 1.3k

मोनिका :- एक रात .... Seriously ? ठिक है मैं ये पैसे वकीलको दोना चाहती थी , ताकी डि ...