शब्दों से इंद्रधनुष बुन कर, मैं उसे सपनों के आसमान में सजाती हूँ। सीधी-सादी कहानियां, हमारे ही जैसे क़िरदार! चाहिए इन शब्दों को आपका थोड़ा सा प्यार!

चांद ज़्यादा अकेला है या ज़्यादा तन्हा रात है,
आवाज़ें ख़ामोश सही पर दिल में कोई बात है!
:अदिति जैन

-A J

दुनिया में जितनी भी अच्छी बातें हैं, सब कही जा चुकी हैं।
बस अब उन पर अमल करना ही शेष रह गया है !!
आपका दिन मंगलमय हो!

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मेरी कहानी "हमेशा-हमेशा" पढ़िए Matrubharti पर!
और फिर बताइए कि आपको कैसी लगी?

https://www.matrubharti.com/book/19909120/hamesha-hamesha-7

Shukriya 😊💛🙏🏻

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Writer Anonymous

💛💛🙏🏻
बहुत आभार 😊

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इतने सारे रंग यही बताने के लिए हैं कि शब्दों और भावनाओं के ढेर सारे रंग आपको मिलेंगे "हमेशा-हमेशा" में!
कहानी के सभी भाग अपलोड किए जा चुके हैं।
पढ़िए और अपनी राय बताइए।
आभार 🙏🏻💛

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"हमेशा-हमेशा" से एक छोटा सा हिस्सा, आपकी नज़र!
कहानी को बहुत प्यार मिल रहा है, बहुत शुक्रिया।
अगर आपने नहीं पढ़ी है तो कृपया अब पढ़िए और अपनी राय बताइए।
बहुत बहुत शुक्रिया आप सभी का 🙏🏻🍫💛

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