Hindi Blog videos by Kaushik Dave Watch Free

Published On : 02-Mar-2026 10:25pm

14 views

दिखने में भले ही वो भी, मेरी ज़मीं सा लगता है,
पर कहाँ वहाँ अपनों का, कोई भी चेहरा मिलता है।

​कहते हैं सितारे दूर के, सब पृथ्वी जैसे दिखते हैं,
बिना साँस के उस पत्थर पे, बोलो कौन ठहरता है?

​समंदर नीले होंगे वहाँ, और पर्वत भी ऊँचे होंगे,
पर क्या कोई परिंदा वहाँ, चहक के पर फैलाता है?

​खोज रहे हैं सब दुनिया, एक 'प्लान-बी' की चाहत में,
पर माँ जैसी इस धरती का, विकल्प किसे सूझता है?

​करोड़ों मील की दूरी है, और अनजानी वो राहें हैं,
घर की मिट्टी का इक ज़र्रा, ही बस सुकून देता है।

0 Comments

Related Videos

Show More