Hindi Poem videos by Dhamak Watch Free

Published On : 27-Feb-2026 11:20am

276 views

प्रभु…
मेरा निस्वार्थ प्रेम था,
फिर भी मुझमें खामियाँ ही देखी गईं।
बिना वजह जो ईर्ष्या और नफरत करते रहे,
मेरी सच्चाई उन्हें कभी दिखी नहीं।
हे प्रभु…
ऐसे लोग मुझे
किसी भी जन्म में,
अनंतकाल तक न मिलें।

बस यही मेरी प्रार्थना है…
बस यही… मेरी प्रार्थना है…
(लेखिका का पता नहीं कहीं दो लाइन पड़ी थी उसमें से यह बना दिया यह दो पंक्तियों के वेदना मेरा दिल छू गई)
ढमक

2 Comments

Soni shakya videos on Matrubharti
Soni shakya Matrubharti Verified 3 week ago

jighnasa solanki videos on Matrubharti
jighnasa solanki 3 week ago

Yes it's really heart touching lines

Related Videos

Show More