Hindi Motivational videos by bhagwat singh naruka Watch Free

Published On : 18-Feb-2026 09:05pm

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जिम्मेदारियों का बोझ इतना है साहब,
कि मुस्कुराना भी कभी-कभी काम सा लगता है।
ख्वाहिशें रख दी हैं हमने किनारे,
अब हर सपना
किसी और के नाम सा लगता है।
थक जाते हैं कदम,
पर रुकना मुमकिन नहीं होता,
क्योंकि घर की उम्मीदों का वजन
कंधों पर हर शाम सा लगता है।

#writer_bhagwat_singhnaruka ✍️

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