Hindi Thought videos by Amal das Watch Free

Published On : 16-Feb-2026 07:10pm

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निर्देशहीन सृष्टि

ईश्वर सच में एक बच्चा है,
जिसने अनंत शून्य में
एक सफ़ेद काग़ज़ उठाया।
उसके हाथों में थे
बहुत सारे रंग,
स्याही से भरे कलम,
और उनकी शक्ति को काग़ज़ में उतारा।
और एक मासूम बच्चे की तरह,
बिना किसी योजना,
बिना किसी डर,
वह इस ब्रह्मांड को
बस बनाता चला गया।
कहीं उसने आकाश बना दिया,
कहीं समुद्र की गहराई,
कहीं मनुष्य को,
कहीं प्रेम,
कहीं पीड़ा,
कहीं मृत्यु।
उसे खुद भी नहीं पता था
आख़िर में वह क्या बना रहा है।
वह तो बस खेल रहा था।
क्या उसके लिए यह बस
एक आनंद का विषय था?
क्या यह सृष्टि
सिर्फ़ एक निरुद्देश्य है?
मेरे हिसाब से वह कुछ भी नहीं जानता था—
न अच्छाई, न बुराई,
न लक्ष्य, न अंत।
वह बस बनाता चला गया,
जैसे बच्चा खेलता है
और मुस्कुराकर भूल जाता है
कि उसने क्या खेल रहा है।
और हम—
उसकी उसी मासूम ड्रॉइंग के अंदर
अपने अर्थ खोजते चले गए।

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