Hindi Shayri videos by bhagwat singh naruka Watch Free

Published On : 25-Jan-2026 06:28pm

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आख़िरी होगा मेरा हर शब्द, आख़िरी होगा हर सफ़र,
जहाँ मेरे जज़्बात की क़दर नहीं,
वहाँ का सफ़र ही क्यों करूँ उम्र भर।
बहुत चल लिया उन राहों पर
जहाँ सुनना कोई चाहता नहीं था,
अब ख़ामोशी को चुन लिया है मैंने,
कम से कम ये मुझे तोड़ता नहीं था।
जो समझे बिना आँकते रहे,
उनसे कोई शिकायत नहीं,
बस अब उन दरवाज़ों पर दस्तक नहीं दूँगा
जहाँ इज़्ज़त की जगह नहीं।
मैं रुक नहीं रहा,
बस दिशा बदल रहा हूँ,
जहाँ दिल हल्का हो,
अब वही मेरा सफ़र होगा।

writer bhagwat singhnaruka ✍️

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