Hindi Religious videos by संजय कुमार दवे Watch Free

Published On : 18-Jun-2020 07:22am

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अंतकाले च मामेव स्मरन्मुक्त्वा कलेवरम्। य: प्रयाति स मद्भावं याति नास्त्यत्र संशय: ।। 5।।

अर्थात:--भगवान श्रीकृष्णचन्द्र कहते हैं जीवन के अंत में जो केवल मेरा स्मरण करते हुए शरीर का त्याग करता है वह तुरंत मेरे स्वभाव को प्राप्त करता है। इसमें थोड़ा भी संदेह नहीं है।
राधे-राधे 🙏

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