Priyanka Soni, Poem on 05-May-2019 09:17pm | Matrubharti | Poem Video

Published On : 05-May-2019 09:17pm
डॉ प्रियंका सोनी "प्रीत"
गज़ल
. वो तबस्सुम से समय से मेरा दर्द बढ़ा देते हैं।
अपने बीमार को क्या खूब सजा देते हैं।

आंखों आंखों में किए जाते हैं घायल मुझको।
बातों बातों में मेरे गम को बढ़ा देते हैं।

जान लेकर ही हटेंगे यह ग़मों के साए
दिल पर लिख लिख के मेरा नाम मिटा देते हैं।

रंग बनकर कहीं उड़ने को मैं चाहूं भी अगर
बेड़ियां पांव में है ऐहबाब लगा देते हैं।

कितना कांटों भरा है "प्रीत" का रस्ता लेकिन
हम लोगों से जिसे गुलजार बना देते हैं

डॉ प्रियंका सोनी "प्रीत"

1 Comments

Rajpal Singh Chouhan 3 month ago

so Sweet

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